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बजट 2020 में कर्मचारियों को मिलेगी राहत…!

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दूसरे आम बजट के पेश होने में अभी कुछ ही​ दिन बचे हैं। हर वर्ग का व्यक्ति उम्मीद कर रहा है कि शायद वित्त मंत्री की पोटली से उसके लिए कुछ अच्छा निकलेगा। सूत्रों की मानें तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण निजी क्षेत्र के कर्मचारियों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का ऐलान बजट में कर सकती है। श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें कहा गया कि मौजूदा छूट की सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया जाए। मासिक पेंशन से होने वाली इनकम, आय के अन्य स्रोतों के तहत आती है और टैक्सेबल होती है। इस पर मौजूदा 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा भी नहीं मिलता है। श्रम मंत्रालय का कहना है कि यह भेदभावपूर्ण है यानी पेंशनर्स को इसका फायदा दिया जाए तो यह ज्यादा बेहतर होगा। इससे वित्त मंत्रालय पर ज्यादा बोझ भी नहीं पड़ेगा।
कुछ दिन पहले श्रम मंत्री संतोष गंगवार के साथ हुई बैठक में यूनियन्स, खासकर भारतीय मजदूर संघ ने EPS के मुद्दे का उठाया था और न्यूनतम पेंशन को 1000 रुपये से बढ़ाकर 6000 रुपए करने की मांग रखी थी। बजट में पेंशन सीमा बढ़ाने के अलावा EPS के कम्यूटेशन अथवा अग्रिम आंशिक निकासी का पुराना प्रावधान भी बहाल किया जा सकता है। इसके तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के वक्त भविष्य निधि के साथ पेंशन की कुछ राशि एकमुश्त तौर पर लेने का अधिकार होता है। लेकिन इससे मासिक पेंशन में 15 वर्षों तक एक तिहाई की कमी हो जाती है। 2009 में इस व्यवस्था को बंद कर दिया गया था। इसके अलावा, 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में इनकम टैक्स (Income Tax Slab Changes) में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं. सूत्रों की मानें तो सालाना 7 लाख रु तक की कमाई पर 5% टैक्स का प्रस्ताव है। मौजूदा समय में सालाना 5 लाख रुपये तक की कमाई पर 5 फीसदी टैक्स लगता है. वहीं, 7 से 10 या 12 लाख रुपये तक की कमाई पर 10 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव है। मौजूदा समय में 5 से 10 लाख रुपये तक की कमाई पर 20 फीसदी टैक्स लगता है।

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