Aapnu Gujarat
રાષ્ટ્રીય

रेप के झूठे आरोप से व्यक्ति का मान-सम्मान कम होता है : कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने कहा कि बलात्कार का झूठा आरोप लगाने से एक व्यक्ति को बेवजह शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है और उसका मान-सम्मान प्रभावित होता है तथा झूठा आरोप लगाने के अपराध के लिए शिकायकर्ता महिला आपराधिक कार्यवाही से नहीं बच सकती । अदालत ने कहा कि इस तरह के मामलों से व्यवस्था का माखौल उड़ता है जिससे अदालत का कीमती समय बर्बाद होता है । पूरी प्रक्रिया में गलत सूचना देकर पुलिस प्राधिकरण का भी इस्तेमाल किया जाता है, जिसके लिए कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए । अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शैल जैन ने पुलिस को जनाभूझकर गलत सूचना देने और एक व्यक्ति के मान-सम्मान को प्रभावित करने के लिए एक महिला के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया ।
अदालत ने एक नृत्य शिक्षक को बलात्कार एवं धोखाधड़ी के आरोपों से बरी करते हुए कहा कि महिला के बयान से साफ है कि उसने यह जानते हुए कि नृत्य शिक्षक ने उसके प्रति ना तो किसी अपराध को अंजाम दिया और ना ही शादी का झूठा वादा कर उसके साथ बलात्कार किया, व्यक्ति के खिलाफ गलत शिकायत की आदेश में साथ ही कहया गया कि यह अदालत द्वारा झूठा आरोप लगाने के अपराध के लिए महिला पर मुकदमा चलाने से संबंधित मुख्य मेट्रोपाॆलिटन मजिस्ट्रेट से शिकायत करने का उपयुक्त मामला है । अदालत ने अपने एक कर्मचारी को एक अलग शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया । महिला ने व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसने शादी का झूठा वाद कर उसके साथ २०१६ में करीब एक साल तक बलात्कार किया ।

Related posts

ચૂંટણી પંચ ભાજપ સેલની જેમ કામ કરી રહ્યું છે : તેજસ્વી યાદવ

aapnugujarat

૮૨૭ પોર્ન સાઈટ બંધ કરાતાં ચાહકોમાં આક્રોશ

aapnugujarat

8 હજાર શિક્ષકો એ લખ્યો અમિત શાહ ને પત્ર

editor

Leave a Comment

URL