१०० मेगावॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण हुआ

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैन्युअल मैक्रों के साथ मिलकर यूपी के मीरजापुर में १०० मेगावॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का लोकार्पण किया । १५५ हेक्टेयर में फैला यह यूपी का सबसे बड़ा सोलर पावर प्लांट हैं । यूपी के इस सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट में करीब १ लाख १९ हजार सोलर पैनल लगे हैं । इसका निर्माण फ्रांस की कम्पनी एनगी द्वारा करीब ५०० करोड़ रुपये की लागत से किया गया है । इस संयंत्र में हर साल १५.६ करोड़ यूनिट और हर महीने एक करोड़ ३० लाख यूनिट बिजपी पैदा होगी । इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नई दिल्ली में इंटरनैशनल सोलर अलायंस समिट को संबोधित करते हुए बताया कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्रोग्राम शुरू किा है । आएए देखते है भारत में रीन्यूएबल एनर्जी की मौजूदा स्थिति और उसे बढ़ाने की पीएम मोदी के महत्वकांक्षी प्लान से जुड़ी अहम बाते.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में भारत अपनी रीन्यूएबल एनर्जी कपैसिटी को तेजी से बढाने की कोशिश में हैं । इंटरनैशनल अलायंस (ढ्ढस्न्) समिट का मकसद क्लाइमेट चेंज का रीन्यूएबल एनर्जी के कम लगात वाले जरियों के साथ मुलाकात करने के साथ ही विकासशील देशों के बीच ए अग्रणी भूमिका हासिल करने की भारत की कोशिश भी है । प्रधानमंत्री मोदी के महत्वाकांक्षी पहला ढ्ढस्न् के समिट में दुनिया भर के १२ देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया । अमेरिका और चीन की भी ढ्ढस्न् में दिलचस्पी जगी है ।
आईएसएस समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बताया कि भारत ने दुनिया का सबसे बड़ा रीन्यूएबल एनर्जी प्रोग्राम शुरू किया है । इससे तहत २०२२ तक रिन्यूएबल सोर्सेज १७५ गीगावॉट इलेक्ट्रि सिटी जनरेट करने का लक्ष्य हैं । इसमें सोलर एनर्जी की हिस्सेदारी १०० मेगावॉट की होगी । यह देश की रीन्यूएबल एनर्जी की मौजूदा कपैसिटी से दोगुनी से अधिक होगी ।
भारत की मौजूदा रीन्यूएबल एनर्जी कपैसिटी करीब ६३ गीगावॉट है । विशेषज्ञों का अनुमान है कि २०२२ तक १७५ गीगावॉट रीन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत को करीब ८३ अरब डाॆलर यानी ५ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की जरूरत पड़ेगी ।
भारत में सोलर पावर तेजी से विकसित हो रही इंडस्ट्री है । भारत ने २०१४ के बाद से अब तक अपने सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में करीब ८ गुना इजाा किया है । मई २०१४ में भारत २,६५० मेगावॉट और ऊर्जा का उत्पादन करता था, जो जनवरी २०१८ तक बढ़कर २० गीगावॉट हो चुकी है ।
सौर ऊर्जा के साथ-साथ भारत का जोर परमाणु ऊर्जा पर भी है । फिलहाल भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता ६.८ गीगावाॆट है जो देश के कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता का महज २ प्रतिशत है । भारत ने २०३२ तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को ९ गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है ।
फ्रांस के सहयगो से भारत महाराष्ट्र के जैतापुर में दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने जा रहा है । जैतापुर पावर प्रॉजेक्ट के पूरा हो जाने पर उसकी उत्पादन क्षमता ९.६ गीगावॉट हो जाएगी और यह दुनिया का सबसे बड़ा न्युक्लियर पावर प्लांट हो जाएगा ।
भारत में सोलर एनर्जी बहुत सस्ती है और इसकी कीमत २.४४ रुपये प्रति युनिट के न्यूनतम स्तर पर आ चुकी है । इसके अलावा हवा से पैदा होने वाली बिजली की कीमत भी ३.४६ रुपये प्रति यूनिट के न्यूनतम स्तर पर आ चुकी है ।
(शेष पीछे)

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