वर्ल्ड हेरिटेजसिटी अहमदाबाद की पहचान अब बरकरार रहेगी

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यूनेस्को द्वारा देश का प्रथम वर्ल्ड हेरिटेजसिटी का सम्मान हमारे अहमदाबाद को देने के बाद स्वाभाविक रूप से ६०० से ज्यादा वर्ष पुराने यह शहर की प्रतिष्ठा में चार चांद लग गया है । वर्ल्ड हेरिटेजसिटी का दर्जा लेनेवाले अहमदाबाद के वर्ल्ड हेरिटेज को योग्य ऐतिहासिक स्मारकों-दरवाजा आदि महत्वपूर्ण स्थापत्य की देखभाल और विकास की दृष्टि से म्युनिसिपल सत्ताधीशों ने विशेष ट्रस्ट का गठन करके इस दिशा में काम शुरू किया गया है जिसकी वजह से आगामी दिनों में शहर की पहचान अब बरकरार रहेगी ।
इस तरह तो देश का पहला वर्ल्ड हेरिटेजसिटी का सम्मान प्राप्त करने के लिए मुंबई और दिल्ली भी दावेदार थे । लेकिन यूनेस्को ने अहमदाबाद के कोट क्षेत्र के हिन्दू, जैन और इस्लामिक परंपरा आधारित महत्वपूर्ण धरोहर के आधार पर मुंबई और दिल्ली के दावे को खारिज कर दिया था । दूसरी तरफ शहर के ५४३ स्के किमी क्षेत्रफल वाले कोट क्षेत्र की चार लाख की आबादी होने की वजह से बढ़ रहे कॉकेटीकरण के कारण पोल संस्कृति दहशत में आ गई है । हालांकि गत जुलाई २०१७ में यूनेस्को ने अहमदाबाद को देश का पहला वर्ल्ड हेरिटेजसिटी की घोषणा करते हुए यह शहर अब विश्व प्रसिद्ध पेरिस, केरो और एडिनबर्ग जैसे शहर की पंक्ति में आ गई है । प्रशासन द्वारा शहर के हेरिटेज मूल्यों के संवर्धन के लिए विशेष अहमदाबाद वर्ल्ड हेरिटेजसिटी ट्रस्ट का गठन किया गया है । गत नवम्बर २०१७ में यह आधुनिक हेरिटेज ट्रस्ट को चेरिटी कमिशनर की मंजूरी मिल गई है । यह ट्रस्ट के प्रमुखपद पर म्युनिसिपल कमिशनर के पद की सत्ता में मुकेशकुमार है । कुल नौ ट्रस्ट वाले इस ट्रस्ट में स्टेन्डिंग कमिटी के चेयरमैन के पद की सत्ता से प्रवीण पटेल, रिक्रिएशनल कमिटी के चेयरमैन के पद की सत्ता पर बीजल पटेल, हेरिटजे कन्जर्वेशन कमिटी के चेयरमैन पीके घोष, उद्योगपति सामवेद लालभाई, हेरिटेज का जिम्मेदारी संभाल रहे आदि कई अधिकारी और भाजपा के डॉ. हेमंत भट्ट को ट्रस्ट के तौर पर शामिल किया गया है ।

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