Aapnu Gujarat
તાજા સમાચાર રાષ્ટ્રીય

गृह मंत्रालय १० जुलाई को माल्या की उपस्थिति सुनिश्वित करे : उच्चतम न्यायलय

उच्चत्तमृ न्यायालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह न्यायालय की अवमानना मामले में सजा की मात्राृ पर सुनवाई के लिये कारोबारी विजय माल्या की १० जुलाई को उसके समक्ष पेशी सुनिश्वित करे । विजय माल्या इस समय ब्रिटेन में है । न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति उदयृ उमेशृ ललित की पीठ ने माल्या को न्यायालय की अवमानना का दोषी ठहराया है क्योकि उन्होंने अपनी संपत्ति के पुरे विवरण का खुलासा नहीं करके उसके आदेशो की अवज्ञा की है और ब्रिटिश फर्म डियागो से मिले चार करोड डोलर अपने तीन बच्चो के नाम हस्तांतरित करके कलकता उच्च न्यायालय के आदेशो को उल्लंघन किया है । भारत ने हाल ही में ब्रिटेन से विजय माल्या का शीध्र प्रत्पर्पण सुनिश्वित करने का आग्रह किया है । विजय माल्या अपनी बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस से संबंधित बैंको का नौ हजार करोड रुपये से अधिक का कर्ज नहीं लौटाने के मामले में आरोपी है । न्यायालय की अवमानना के अपराध में अधिकतम छह महीने की सजा या दो हजार रुपए का जुर्माना या दोनो हो सकता है । पीठ ने टिप्पणी की कि माल्या ने न तो अवमानना मामले में जवाब दिया है और न ही उसके समक्ष व्यक्तिगत रुप से पेश हुये है । चुंकि उन्हेंृ न्यायालय की अवमानना का दोषी पाया गया है, हम उन्हे एक अवसर और देना जरुरी समझते है और प्रस्तावित दंड के बारे में उन्हें सुनना भी चाहते है ।
न्यायालय ने अपने २६ पेज के फैसले मेंृृ कहा, इसलिए, हम न्यायालय की अवमानना के लिये उन्हें दी जाने वाली सजा सहित इस मामले में विजय माल्या को व्यक्तिगत रुप से सुनने के लिये इसे १० जुलाई, २०१७ के लिये स्थगित करते है । शीर्ष अदालतृ ने यह फैसलाृ भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में बैंको के समुह की याचिका पर सुनायाृ जिसमें कहा गया था कि माल्या ने अपनी संपत्ति के पुरे विवरण की जानकारी नहीं देकर विभिन्नृ न्यायिकृ आदेशों का उल्लंघन किया है ।

Related posts

नीरव मोदी ने जमानत के लिए ब्रिटेन के हाई कोर्ट में दायर की याचिका

aapnugujarat

સજાતિય સંબંધો બનાવવાની બાબત અંગત પસંદગી : પ્રસાદ

aapnugujarat

રેપ પ્રકરણ : આસારામની જામીન અરજી જોધપુર કોર્ટ દ્વારા ફગાવાઇ

aapnugujarat

Leave a Comment

URL